15 August Poem Hindi - Independence day poem in Hindi

15 August Poem Hindi

दोस्तों, इस दिन को कभी भी मत भूलना क्यूंकि इस दिन के लिए यानि भारत को आज़ाद करवाने के लिए कितने ही वीरों ने हसते - हसते अपने प्राण इस मातृ भूमि पर न्योछावर कर दिए। कितनी यातनाएँ सही और कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा हम लोग तो अंदाज़ा भी नहीं लगा सकते, हाँ मगर हम सब मिलकर उनको याद कर सकते हैं और अपने दिलों से उन्हें  श्रदांजलि अर्पित कर सकते है और साथ ही साथ उनकी दी हुई अमानत यानि ' आज़ादी ' को संभालकर रख सकतें हैं। इस बार मैं उन वीरों पर लिखी कुछ पंक्तियाँ लाया हूँ। इस पोस्ट में आपको  15 August Poem Hindi or  Independence day poem in Hindi मिलेगी। 


इक आज़ादी की कहानी सुनो,

क्या गुज़री मेरी ज़ुबानी सुनो,

जो देश पर मीट बैठे थे सभी,

आज उन वीरों की कुर्बानी  सुनो। 


थी हाथ में लाठी, मुख पर मुस्कान,

ऐसे भी थे,  कुछ लोग महान,

राम नाम की वाणी सुनो,

आज उन वीरों की कहानी सुनो। 


थी सिर पर पगड़ी, पगड़ी में शान,

खोले थे जिसने, गोरों के कान,

कैसी थी वो जवानी सुनो,

आज उन वीरों की कहानी सुनो। 


अकेली थी वो घुड़सवार, अंग्रेज़ों को दी ललकार,

दिल में बदला, हाथों में तलवार,

कैसी थी वो रानी सुनो,

आज उन वीरों की कहानी सुनो। 


थे आँखों में अंगारे, गोरे भी डरते सारे,

क्या बात बतायेँ  उनकी, वो 'आज़ाद' थे हमारे,

उन बुज़दिलों (अंग्रेज़) की नादानी सुनो,

आज उन वीरों की कहानी सुनो। 


इक आज़ादी की कहानी सुनो,

क्या गुज़री मेरी ज़ुबानी सुनो, ...


मैं आशा करता हूँ दोस्तों की आपको यह कविता पसंद आएगी। हर साल की तरह इस साल भी आपको मेरी ओर से स्व्तंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। 

जय हिन्द, जय भारत 


Written by: Sunny

Image Credit: Canva & Pixabay

Post a Comment

0 Comments